PM की योजना में घोटाला करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर पर मेहरबान पालिका के अफसर, वजह – दरियादिली या रकम में हिस्सेदारी…?

अंशुल मित्तल
डबरा/ग्वालियर : नगर पालिका में भ्रष्टाचार का एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहाँ पुलिस की नज़रों में ‘फरार’ आरोपी, नगर पालिका दफ्तर में बैठकर, सीएमओ के संरक्षण में सरकारी रिकॉर्ड खंगाल रहा है।
समझें पूरा मामला
संविदाकर्मी (कंप्यूटर ऑपरेटर) राहुल गुप्ता पर प्रधानमंत्री आवास योजना में ₹1 करोड़ 31 लाख के गबन का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए EOW (आर्थिक अपराध शाखा) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक षड्यंत्र जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट ने राहुल गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी है, जिसके बाद से वह आधिकारिक रूप से ‘फरार’ है।
मंशा पर उठते गंभीर सवाल
हैरानी की बात यह है कि जिस कर्मचारी को जांच एजेंसियां ढूंढ रही हैं, वह सीएमओ साक्षी बाजपेई के संरक्षण में न केवल दफ्तर आ रहा है, बल्कि महत्वपूर्ण काम भी संभाल रहा है।

बचाव या हिस्सेदारी ? क्या वरिष्ठ अफसरों की शह के बिना एक कंप्यूटर ऑपरेटर स्तर का कर्मचारी करोड़ों का घोटाला कर सकता है?
अजीब तर्क : कार्रवाई के सवाल पर सीएमओ का कहना है कि उन्हें EOW से अब तक कोई औपचारिक पत्र नहीं मिला है।
जल्द हो सकता है नोटिस जारी, उप संचालक ने दिए कड़े निर्देश…
मामला गहराने के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हलचल है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप संचालक ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई है।
“यह अत्यंत गंभीर मामला है कि गबन का आरोपी विभाग में सक्रिय है। सीएमओ को कड़े लहजे में निर्देशित किया जाएगा कि दागी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करें। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।”
— अमरसत्य गुप्ता, उप संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, ग्वालियर
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