PM आवास योजना घोटाला: 1.31 करोड़ डकारने वाला कंप्यूटर ऑपरेटर ‘लापता’, कोर्ट ने भी फेरा उम्मीदों पर पानी!
"बिना जियो टैगिंग के 50 अपात्रों को किया भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में बंदरबांट करने वाले आरोपी की तलाश तेज।"

डबरा /ग्वालियर। डबरा नगर पालिका परिषद में हुए करोड़ों रुपए के चर्चित घोटाले और आपराधिक षडयंत्र के मामले में फरार आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता को बड़ा झटका लगा है। न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ग्वालियर ने इस मामले में 26 मार्च 2026 को प्रकरण दर्ज किया था, जिसके बाद से ही आरोपी की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला ?
जांच में सामने आया है कि नगर पालिका परिषद डबरा में संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ राहुल गुप्ता को PFMS पोर्टल के माध्यम से हितग्राहियों के खातों में किस्तों के भुगतान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस दौरान राहुल गुप्ता ने तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रदीप भदौरिया के साथ मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक षडयंत्र रचा।
भ्रष्टाचार का तरीका : पद का दुरुपयोग और आर्थिक गबन
जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रख दिया :
- अतिरिक्त भुगतान : 13 हितग्राहियों के खातों में निर्धारित राशि 2.5 लाख के स्थान पर 3 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया।
- बिना जियो टैगिंग भुगतान : 50 हितग्राहियों को पूर्ण जियो टैगिंग (Geo-tagging) के बिना ही, योजना की पूरी राशि (2.5 लाख रुपए) जारी कर दी गई।
- शासन को क्षति : इस पूरी धोखाधड़ी और गबन के माध्यम से शासन को कुल 1,31,50,000 रुपए (एक करोड़ इकतीस लाख पचास हजार) की आर्थिक क्षति पहुँचाई गई।
संगीन धाराओं में दर्ज है मामला
EOW ने साक्ष्यों के आधार पर तत्कालीन CMO प्रदीप भदौरिया और कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता के विरुद्ध भारतीय दंड विधान (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- धारा 409 : लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात।
- धारा 120B : आपराधिक षडयंत्र।
- धारा 7, 13(1)A, एवं 13(2) : भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018)।
फरार है घोटालेबाज ऑपरेटर राहुल
घोटाले की पुष्टि होने और EOW द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद से ही आरोपी राहुल गुप्ता गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार रहते हुए अग्रिम जमानत की कोशिश में लगा है। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार दबिश दे रही हैं। जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब आरोपी के गिरफ्तार होने की प्रबल संभावना है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मामले में कई और बड़े नाम जांच की जद में आ सकते हैं।
न्यायालय का कड़ा रुख
साबिर अहमद खान, विशेष न्यायाधीश (Prevention of Corruption Act) की अदालत ने राहुल गुप्ता की जमानत याचिका खारिज करते हुए सुनाया आदेश :
“आवेदक /आरोपी राहुल गुप्ता पर कम्प्यूटर ऑपरेटर संविदाकर्मी नगर पालिका परिषद डबरा में कार्य करते हुए 50 हितग्राहियों के खाते में बिना पूर्ण जिया टैगिंग के पूर्ण राशि का भुगतान किया जाकर 1,31,50,000/- रूपये की आर्थिक क्षति के अपराध में सम्मिलित होने का आरोप है जिसका अनुसंधान अभी प्रारंभिक स्टेज पर है। ऐसी दशा में पंजीबद्ध अपराध की प्रकृति एवं आर्थिक अपराध एवं लोक सेवक की हैसियत से संविदाकर्मी के रूप में कार्य करते हुए अपने पद का दुरूपयोग कर कम्प्यूटर डाटा प्रविष्टि किये जाने के कृत्य को देखते हुए आरोपी राहुल गुप्ता को अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। अतः आरोपी राहुल गुप्ता की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत आवेदन पत्र अन्तर्गत धारा 438 दंड.प्र.सं./482 बी.एन.एस.एस. निरस्त किया जाता है…”।
अंशुल मित्तल, ग्वालियर – 8770226566




