नगर निगम: लोक लेखा समिति की बैठक में भुगतानों पर कड़ा रुख। करोड़ों के भुगतान की फाइलें विभाग से गायब, अफसर मौन !

अंशुल मित्तल, ग्वालियर। निगम मुख्यालय में आज सोमवार को लोक लेखा समिति की महत्वपूर्ण बैठक समिति के अध्यक्ष श्री अनिल सांखला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में समिति ने लेखा अधिकारी एवं अपर आयुक्त वित्त रजनी शुक्ला से 01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि में किए गए भुगतानों का पूरा ब्यौरा मांगा है। चर्चा के दौरान समिति ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं :
- जल प्रदाय: मरम्मत एवं नई नालियां बिछाने के कार्य।
- सीवर व्यवस्था: लाइन बिछाने एवं मरम्मत के कार्य।
- निर्माण: सड़क मरम्मत एवं अन्य भुगतान।
समिति ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन सभी कामों पर किए गए भुगतानों की सूची, संबंधित वार्डों का विवरण और किस ठेकेदार को कितनी राशि का भुगतान हुआ, इसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
करोड़ों का फर्जी भुगतान : विभाग ने साधी चुप्पी, वर्ष 2025 की महत्वपूर्ण फाइलें गायब !
एक तरफ जनप्रतिनिधि और अफसर भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की बात करते हैं। दूसरी तरफ यह भी सामने आया है कि वर्ष 2025 के करोड़ों रुपए के भुगतान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलें विभाग से गायब हो चुकी हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग में बैठे अफसर इस पर लगातार पर्दा डाल रहे हैं कि फाइलें जिम्मेदारों की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं।
निगम के अंदरखानों में चर्चा है कि सड़क मटेरियल सप्लाई की ये फाइलें अगर सार्वजनिक हो गईं, तो करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतानों की पोल खुल जाएगी। इसी डर से एक चुनिंदा ठेकेदार को बचाने के लिए इन फाइलों को गायब कर दिया गया है। आलम यह है कि आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत जानकारी मांगे जाने के तकरीबन 4 महीने बाद भी जनकार्य विभाग ये फाइलें उपलब्ध नहीं करा सका है। सूत्रों का साफ कहना है कि “मिलेंगीं कहां से, फाइलें विभाग में है ही नहीं…”। वहीं निगम के जिम्मेदार अफसर लगातार मामले पर पर्दा डालने की कोशिश में चुप्पी साधे हुए हैं। साफ है कि अफसरों की यही चुप्पी, जनता के पैसे को घोटालेबाजों की जेब में पहुंचा रही है।
वेतन समय पर देने के निर्देश
लोक लेखा समिति के सदस्यों ने कर्मचारियों के हितों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। अफसरों को निर्देश दिए गए कि नगर निगम के सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना सुनिश्चित किया जाए। समिति ने कहा कि वेतन संबंधी किसी भी देरी के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बैठक में समिति सदस्य मनोज राजपूत, महेन्द्र आर्य, चांदनी जंगबहादुर, ममता अरविन्द शर्मा, अनीता रामू कुशवाह एवं अपर आयुक्त वित्त रजनी शुक्ला उपस्थित रहीं।




