नगर निगम- “भ्रष्टाचार की मंजूरी” मामले पर कार्रवाई के आसार, कल सुनवाई
GDA की डेवलपमेंट स्कीम की भूमि पर दी गई भवन निर्माण मंजूरी, हो सकती है निरस्त । परमिशन देने वालों के खिलाफ क्या होगी कार्रवाई ?

@अंशुल मित्तल, ग्वालियर। नगर निगम अफसरों द्वारा साठगांठ कर दी गई भवन निर्माण मंजूरी के खिलाफ निरस्तीकरण की कार्रवाई जल्द ही हो सकती है। बता दें कि वार्ड नंबर 30, सिटी सेंटर मुख्य मार्ग पर दी गई इस भवन निर्माण मंजूरी के खिलाफ ईओडब्ल्यू में शिकायत पहुंची थी। GDA और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के पत्र सामने आने के बाद भवन निर्माण मंजूरी और मंजूरी देने वाले अफसरों की भूमिका सवालों के घेरे में आई थी। पूरे मामले में खबर है कि शहर के एक वरिष्ठ नेताजी का हस्तक्षेप होने के चलते, मामले पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पा रही !
कल सुनवाई, क्या होगी कार्रवाई…?
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल गुरुवार दोपहर 12:00 बजे निगम आयुक्त के समक्ष इस मामले की सुनवाई होना है जिसमें आवेदकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। GDA के पत्र के अनुसार संबंधित भूभाग डेवलपमेंट स्कीम के अंतर्गत आता है जिस पर निर्माण मंजूरी दिया जाना उचित नहीं है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कल सुनवाई के बाद, कमिश्नर इस मंजूरी को निरस्त कर देंगे। इसी तरह का एक अन्य मंजूरी आवेदन प्रकरण भी निरस्त हो सकता है जो काफी समय से विभाग में लंबित है। यहां सवाल है कि क्या उस भवन अधिकारी सहित उन संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने नियमों से परे जाकर, भवन निर्माण मंजूरी जारी की ?
विवादों में मंजूरी, जारी है भवन निर्माण ?
EOW में शिकायत, GDA और T&CP के पत्रों के बाद भवन निर्माण मंजूरी विवादों में आ गई लेकिन वर्णित भूमि पर आज भी भवन निर्माण बदस्तूर जारी है। कमिश्नर सहित किसी भी अफसर ने यह जरूरी नहीं समझा कि भवन निर्माण को समय रहते रोका जाए !
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*GDA के LETTER के बाद खुलने लगी परतें*
*क्या निगम में बड़े स्तर पर हो रहा, बिल्डिंग परमिशन घोटाला…?*
नगर निगम में ‘परमिशन घोटाला’ ? जांच के घेरे में मंजूरी, फिर भी जारी बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन




