BJPIPS एसोसिएशनPositiveएक्सक्लूसिवखेलग्वालियरटॉप न्यूज़नगर निगमपंचायतपरिवहनपुलिसप्रशासनप्रॉपर्टी टैक्सफर्जी दस्तावेजफायर ब्रिगेडफायर सेफ्टीभोपालभ्रष्टाचारयुवाराजनीतिराज्यलोकल न्यूज़

होर्डिंग माफिया को किसका संरक्षण ? खुलेआम लगे अवैध स्ट्रक्चर, ना जुर्माने की चिंता, ना कार्रवाई का डर ।

अजय एडवरटाइजर्स के अवैध स्ट्रक्चर खुलेआम खड़े हैं। क्या शाखा के नोडल, OS कोर्ट को गुमराह करने के लिए कार्रवाई का दिखावा कर रहे हैं ? क्या जुर्माने की रकम 12% ब्याज के साथ, निगम खाते में जमा हो सकेगी ?

@अंशुल मित्तल, ग्वालियर / शहर से अवैध होर्डिंग स्ट्रक्चर और विज्ञापनों को हटाने को लेकर न्यायालय सख्त दिखा। निगम अफसरों ने कार्यवाही भी खूब दिखाई लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई, केवल दिखावे तक ही सीमित रही !

शहर में अब भी खुलेआम लगे कई अवैध होर्डिंग स्ट्रक्चर, नियमों और कोर्ट के आदेशों को मुंह चिढ़ा रहे हैं !


अजय एडवर्टाइजर्स पर मेहरबान, विज्ञापन वाले साहिबान?

1- बिना किसी मंजूरी के, चेतकपुरी रोड पर खुलेआम खड़ा यह अवैध होर्डिंग स्ट्रक्चर । जानकारी के अनुसार इस पर कोई जुर्माना नहीं किया गया । (फोटो )

2- ए.जी ऑफिस पुल, मदाखलत ऑफिस के सामने ही खड़ा अवैध होर्डिंग स्ट्रक्चर। (फोटो )

दोनों ही मामलों में एक बात गजब है कि आज तक, शाखा के नोडल अनूप लिटोरिया और OS शिवहरी को ये अवैध स्ट्रक्चर दिखाई नहीं दिये ! इसे आपसी तालमेल नहीं मानें तो क्या मानें ?


जुर्माना नहीं…. “जुगलबंदी ” से किसका फायदा ?

अजय एडवरटाइजर्स फर्म पर विज्ञापन शाखा और अपर आयुक्त की खासी मेहरबानी देखी गई है। बता दें कि गुरुद्वारे के पीछे, मोती तबेला के पास अजय एडवरटाइजर्स द्वारा तकरीबन 1 साल से अवैध होर्डिंग विज्ञापन चलाया जा रहा था। “PIN” द्वारा वरिष्ठ अफसरों को सूचना देने के बाद, स्ट्रक्चर से विज्ञापन का बैनर उतार लिया गया। लेकिन अफसरों ने अजय एडवरटाइजर्स के विरुद्ध अवैध विज्ञापन करने संबंधी कोई “जुर्माना-पत्र” जारी नहीं किया। साफ है कि निगम खजाने को चपत लगाई गई। लेकिन सवाल है कि इस मेहरबानी से फायदा किसका हुआ ?


कोर्ट से कहा  “जुर्माना कर दिया “, 12% ब्याज सहित, वसूली अब तक नहीं ?

बीते दिनों मोती महल क्षेत्र में होर्डिंग गिरने की घटना के बाद, कोर्ट ने निगम को खासी फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया था। इस पर निगम ने कोर्ट को बताया था कि OMD निरस्त करते हुए, संबंधित के खिलाफ 13 लाख रुपए के जुर्माने नोटिस जारी किये हैं। बता दें कि वह 13 लाख रुपए समय रहते निगम खाते में जमा नहीं हुए अब 12% ब्याज के साथ रकम लगातार बढ़ती जा रही है। सवाल है वसूली कब होगी ?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!