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PIN की खबर से गरमाया डीजल चोरी मामला: फायर ऑफिसर को नोटिस, दो दिन में मांगा जवाब!

निष्पक्ष जांच की दरकार: डीजल चोरी की यह घटना... क्या पहली और आखिरी है ? निगम में इस चोरी के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं- सूत्र

@अंशुल मित्तल

ग्वालियर। नगर निगम फायर ब्रिगेड की गाड़ी (MP07 GB 0166) से डीजल चोरी के मामले में PIN (Public Interest News) की खबर के बाद मामला गरमा गया है। खबर सामने आने के बाद निगमआयुक्त अभिषेक चौधरी ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी फायर ऑफिसर उमंग प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीजल चोरी मामले पर अब तक की गई लचर कार्यवाही और विधिवत रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने को लेकर कमिश्नर ने खासी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मामले पर दो दिन के अंदर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा।

बता दें कि अगस्त माह के आखिरी दिनों में फायर ब्रिगेड की ‘फॉम टेंडर’ गाड़ी से करीब 200 लीटर चुरा लिया गया। सूत्रों के अनुसार चोरी की इस वारदात को एक ही दिन में अंजाम दिया गया। जिसके बाद फायर ऑफिसर उमंग प्रधान की भूमिका संदिग्ध नजर आई। “पब्लिक इंटरेस्ट न्यूज़” ने कड़े सवालों के साथ इस मुद्दे को उजागर किया इसके बाद निगम प्रशासन ने 11 सितंबर 2026 को सूचना पत्र जारी करते हुए मामले पर जवाब तलब किए थे। लेकिन उमंग प्रधान ने विभागीय सूचना-पत्र का कोई जवाब नहीं दिया।

“पब्लिक इंटरेस्ट न्यूज़” की टीम ने लगातार मामले पर फॉलोअप बनाए रखा और अंततः निगम कमिश्नर ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


डीजल की चोरी – क्या यह पहली या आखिरी वारदात है ??

निगम के किसी वाहन से डीजल चोरी होने की यह पहली वारदात नहीं है और संभवतः आखिरी भी नहीं। पहले भी कई बार नगर निगम के ही डीजल चोर रंगे हाथों पकड़े जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार सरकारी डीजल/पेट्रोल चुराने के लिए कई हथकंडे अपनाए जाते हैं–

  • कई निगम अफसर क्षेत्र भ्रमण और सरकारी कामकाज के नाम पर सैंकड़ों लीडर डीजल अपनी गाड़ियों में भरवाते हैं। लेकिन शहर की स्थिति देखकर पता चलता है कि इनके द्वारा कितना क्षेत्र भ्रमण किया जाता है।
  • सूत्र बताते हैं कि ऐसी कई गाड़ियों के नाम से डीजल और पेट्रोल की पर्चियां जारी होती है जो  सालों से कंडम होकर कबाड़े में पड़े हैं।
  • कई अफसरों और कर्मचारियों को आवंटित वाहनों की लॉग बुक में क्षेत्र भ्रमण और सरकारी कामकाज की झूठी जानकारी दर्ज की जाती है !

अगर निष्पक्ष जांच करवाई जाए तो सामने आ सकता है कि पेट्रोल डीजल चोरी की यह घटना पहली और आखिरी नहीं है। बल्कि सालों से तकरीबन रोज इतना ही डीजल, अलग-अलग तरीकों से चोरी किया जा रहा है।

बहरहाल फायर ब्रिगेड की गाड़ी से डीजल चोरी के इस मामले पर निगम आयुक्त ने संज्ञान लेते हुए 2 दिन में जवाब मांगा है।

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