स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण में सामने आया गड़बड़झाला, CMHO ने 5 को थमाया ‘कारण बताओ’ नोटिस

ग्वालियर। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के निर्देशन में चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीरपुर और सिविल डिस्पेंसरी ठाठीपुर में मिली अनियमितताओं और स्टाफ की अनुपस्थिति पर संज्ञान लेते हुए 2 चिकित्सकों सहित 5 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षण में खुली पोल : कहीं डॉक्टर गायब, कहीं बिना सूचना के ‘घर ‘ गए कर्मचारी
CMHO के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ. दीपाली माथुर ने शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बीरपुर स्वास्थ्य केंद्र में अनुशासनहीनता और लापरवाही का आलम देखने को मिला:
- प्रभारी ही गायब : पीएचसी बीरपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. के.के. गुप्ता मौके पर अनुपस्थित पाए गए। जांच में सामने आया कि 22, 23 और 24 अप्रैल की उपस्थिति पंजी पर उनके हस्ताक्षर तक नहीं थे।
- सप्ताह में दो दिन ड्यूटी : बॉडेड चिकित्सक डॉ. अखिलेश भी गायब मिले। स्थानीय स्तर पर जानकारी मिली कि वे सप्ताह में केवल 2-3 दिन आकर एक साथ हस्ताक्षर कर चले जाते हैं।
- हस्ताक्षर कर नदारद कर्मचारी : नेत्र सहायक आर.के. गुप्ता ने हाजिरी तो लगाई थी, लेकिन वे ड्यूटी पर नहीं मिले। वहीं, फार्मासिस्ट देवेन्द्र तोमर ने भी रजिस्टर में दस्तखत किए थे, पर वे केंद्र से नदारद थे। उनके बारे में बताया गया कि वे बरई गए हैं, लेकिन ‘मूवमेंट रजिस्टर’ उपलब्ध न होने के कारण उनकी लोकेशन संदिग्ध पाई गई।
- बिना सूचना के घर चली गईं नर्सिंग ऑफिसर : नर्सिंग ऑफिसर मोना धवल बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचित किए बीच ड्यूटी से घर चली गईं।
CMHO की सख्त चेतावनी : कड़ी कार्रवाई और कटेगा वेतन
जिला स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट पर कड़ी नाराजगी जताते हुए CMHO डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने सभी संबंधितों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि संबंधित कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए वेतन कटौती की जाएगी।
”निरीक्षण के दौरान यह प्रतीत हुआ कि स्टाफ बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यालय छोड़ देता है। शासन की योजनाओं का लाभ जनता को मिले, इसके लिए अनुशासन जरूरी है। लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
डॉ. सचिन श्रीवास्तव, CMHO ग्वालियर




