SP की अनोखी रेड: थाने से गायब कर दिए रजिस्टर, थाना स्टाफ की खुली नींद तो उड़ गए होश
पुलिस की मुस्तैदी परखने, SP ने की खासी मशक्कत, दी कड़ी हिदायत

ह्रिदेश साहू, दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक (SP) मयूर खंडेलवाल इन दिनों अपने सख्त तेवरों और अनोखी कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। विभाग में अनुशासन का पाठ पढ़ाने के लिए उन्होंने एक ऐसा ‘सरप्राइज टेस्ट’ लिया, जिसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया। प्रदेश के इतिहास में संभवतः यह पहला मौका है जब किसी कप्तान ने इस तरह से ‘वास्तविक औचक निरीक्षण’ किया हो।
रात 11 बजे ‘ऑपरेशन गोराघाट’
मामला गौराघाट थाने का है, जहाँ रात के करीब 11 बजे SP मयूर खंडेलवाल बिना किसी सुरक्षा तामझाम और पूर्व सूचना के अचानक पहुँच गए। जब वे थाने के भीतर दाखिल हुए, तो नजारा चौंकाने वाला था। सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी गहरी नींद में सो रहे थे।
थाने से ‘चोरी’ हो गईं फाइलें और रजिस्टर
सोते हुए स्टाफ को जगाने के बजाय, SP ने उनकी सजगता परखने का निर्णय लिया। वे चुपचाप थाने के भीतर गए और वहां रखे महत्वपूर्ण आधिकारिक रजिस्टर और फाइलें उठाकर अपनी गाड़ी में रख लीं। इसके बाद वे वहां से चले गए, लेकिन पुलिसकर्मियों को भनक तक नहीं लगी।
“जरा चेक करो, थाने में चोरी हुई है…”
कुछ देर बाद SP दोबारा थाने पहुंचे और सोते हुए स्टाफ को जगाया। उन्होंने थाना प्रभारी से बेहद गंभीरता के साथ कहा कि “थाने में चोरी होने की सूचना मिली है, तुरंत चेक करो कि क्या-क्या सामान गायब है।” यह सुनते ही थाना स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। घबराहट में जब रिकॉर्ड चेक किया गया, तो पता चला कि सबसे महत्वपूर्ण रजिस्टर गायब हैं। थाने के भीतर से ही रिकॉर्ड चोरी होने की बात से पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
SP ने खुद लौटाए रजिस्टर और दी हिदायत
जब पुलिसकर्मी बदहवास होकर रिकॉर्ड ढूंढने लगे, तब SP खंडेलवाल ने खुद अपनी गाड़ी से रजिस्टर निकालकर वापस सौंपे। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी और स्टाफ को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई और सख्त चेतावनी देते हुए कहा— “अगर ड्यूटी के दौरान दोबारा ऐसी लापरवाही मिली, तो कार्रवाई सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं रहेगी। “
SP का स्पष्ट संदेश: सतर्क रहें
SP मयूर खंडेलवाल की इस जासूसी फिल्म जैसे अंदाज वाले निरीक्षण ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। इसे विभाग में अनुशासन और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। अब जिले के अन्य थानों में भी पुलिसकर्मी रात की गश्त और ड्यूटी को लेकर अतिरिक्त सतर्क नजर आ रहे हैं।
Editor- Anshul Mittal, Gwalior




