नगर निगम : विधि विभाग में 5 महीने से पेंडिंग नामंतरण प्रकरण। कमिश्नर ने संपत्तिकर अफसरों को थमाए “कारण-बताओ” नोटिस
मामले में विधि विभाग ने बताया- "2 महीने पहले आई थी फाइल"

ग्वालियर। नगर निगम में नामांतरण (Mutation) प्रकरणों में हो रही देरी को लेकर कमिश्नर संघ प्रिय ने कड़ा रुख अपनाया है। आयुक्त ने निगम के ग्रामीण और दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों के उपायुक्त रजनीश गुप्ता और मुकेश बंसल सहित एक एपीटीओ और कर संग्रहक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब तलब किया है।
एक महीने से अधिक पेंडिंग हैं 139 से ज्यादा प्रकरण
आयुक्त द्वारा जारी नोटिसों के अनुसार, 6 मई 2026 को हुई सम्पत्तिकर वसूली समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि शहर के विभिन्न वार्डों में नामांतरण के दर्जनों मामले एक महीने से अधिक समय से लंबित हैं।
- ग्रामीण विधानसभा : यहाँ वार्ड क्र. 61 से 66 के बीच कुल 75 नामांतरण प्रकरण एक माह से अधिक समय से लंबित पाए गए।
- दक्षिण विधानसभा : यहाँ ई-नगरपालिका (उपायुक्त) कंसोल पर 11 प्रकरण और राजस्व निरीक्षकों के पास 89 प्रकरण लंबित हैं।
- क्षेत्र क्रमांक 15, 16 एवं 17: यहाँ कुल 39 मामले समय सीमा के बाहर लंबित पाए गए हैं।
विधि विभाग में 6 महीनों से पेंडिंग एक प्रकरण
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला पहलू विधि विभाग की भूमिका को लेकर सामने आया है। समीक्षा के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि एक नामांतरण प्रकरण (पी.टी. क्र. 34187) दिसंबर (पिछले 5 महीनों) से विधि विभाग में विधिक राय के इंतजार में लंबित है।
विधि विभाग से नहीं पूछा, फाइल रोकने का कारण ?
हैरानी की बात यह है कि तीन-तीन नोटिसों और समीक्षा बैठकों में इस देरी का जिक्र होने के बावजूद, अब तक विधि विभाग को औपचारिक नोटिस जारी कर यह नहीं पूछा गया कि आखिर 5 महीनों से इस फाइल को क्यों दबा कर रखा गया है। सवाल यह भी है कि वर्णित नामांकन प्रकरण में ऐसा “क्या बाकी था” जिसके इंतजार में 5 महीने बीत गए ? इसके बाद भी विधि के काबिल अफसर यह डिसाइड नहीं कर पाए कि विधि अनुसार प्रकरण में संलग्न दस्तावेज सही हैं या गलत ।
पूरे मामले में विधि विभाग द्वारा अपना पक्ष रखते हुए बताया गया कि..
नगर निगम के विधि विभाग अधिकारी अनूप लिटोरिया ने बताया कि जो प्रकरण विधि विभाग में 5 महीने से लंबित होना बताया जा रहा है वह प्रकरण पहले मार्च में विभाग में आया था जिसको चार दिन बाद टीप अंकित कर वापस कर दिया गया था। उसके बाद यह प्रकरण 6 में को दोबारा विधि विभाग के लिए भेजा गया। विधि विभाग द्वारा सेम डेट में पुनः टीम अंकित कर फाइल डिप्टी कमिश्नर (संपत्तिकर) की ओर वापस कर दी गई थी।
बहरहाल जिन अफसर और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं, उन्हें 14 मई शाम 6 बजे तक कार्यालय में उपस्थित होकर, जवाब प्रस्तुत करना है। अन्यथा की स्थिति में वेतन वृद्धि रोके जाने सहित एक तरफा कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है ।
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