नगर निगम की कार्यवाही से हड़कंप ”छात्रों को बंधक बनाकर भागा संचालक”: कोचिंग-जिम पर जड़े ताले
सवाल- कितने प्रतिशत संस्थान हो सके "आग से सुरक्षित" ? बीते समय में जारी किए गए नोटिस कितने असरदार..?

ग्वालियर : फायर सेफ्टी को लेकर गंभीरता जताते हुए, निगमायुक्त संघप्रिय एक्शन मोड में हैं। इसी तारतम्य में मंगलवार को निगम ने लक्ष्मीबाई कॉलोनी में ‘फायर सेफ्टी अभियान’ चलाया। फायर सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर छात्रों की जान जोखिम में डालने वाले 5 संस्थानों को निगम की टीम ने मौके पर ही सील कर दिया।
कोचिंग बनी ‘डेथ ट्रैप ‘: बच्चों को अंदर बंद कर भाग निकले संचालक
कार्रवाई के दौरान ‘वरदानी कोचिंग क्लासेस’ में जो मंजर सामने आया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था। जैसे ही फायर विभाग की टीम का सायरन गूंजा, संस्थान संचालक ने पढ़ने आए मासूम छात्रों की सुरक्षा की परवाह किए बिना उन्हें कक्षाओं के अंदर बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया। हद तो तब हो गई जब छात्रों को चौथी मंजिल से दूसरे भवन के जरिए निकालने का जानलेवा प्रयास किया गया।
निगम की टीम और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। जांच में खुलासा हुआ कि संस्थान के पास न तो फायर एनओसी थी और न ही आग बुझाने का कोई उपकरण।
सुरक्षा से खिलवाड़ पर “जीरो टॉलरेंस” संस्थान हुए सील
उपायुक्त (फायर) रजनीश गुप्ता के नेतृत्व में की गई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में 5 संस्थानों पर ताले लटकाए गए…
- वरदानी कोचिंग क्लासेस: (छात्रों को बंधक बनाने और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी)
- एस.सी.आई. कृषि संस्थान
- विज्ञान पथ कोचिंग क्लासेस
- धाकड़ लाइब्रेरी
- डी.बी. फिटनेस जिम

नगर निगम प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के जरिए चेतावनी दी है कि अब यह कार्रवाई महज कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। ”
“सीजनल कार्रवाई ” या बनी रहेगी सख्ती ?
देश में किसी भी स्थान पर आगजनी की घटना होने पर फायर सेफ्टी को लेकर खानापूर्ति के नोटिस और दिखावटी उठा-पटक की जाती रही है। फायर सेफ्टी को लेकर बीते समय में विभाग ने अनेकों नोटिस जारी किए थे, जो अब रद्दी का ढेर हैं। देखना है कि वर्तमान में हो रहीं यह कार्रवाई प्रभावी साबित होती है या खानापूर्ति…!
कार्रवाई के दौरान मौजूद रहा अमला:
फायर ऑफिसर उमंग प्रधान, दल प्रभारी धर्मेंद्र भदौरिया, निकेत यादव, प्रशांत पांडे, आशिक मुस्ताक, आशीष तोमर, दीपक शर्मा, हरविलास यादव समेत पुलिस का भारी अमला मौजूद रहा।




