निगम में ‘अंधेरगर्दी’: वेतन के लिए FD गिरवी, लेकिन अवैध होर्डिंग्स पर मेहरबान अफसर!
"होर्डिंग शाखा के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध विज्ञापनों का कारोबार; एक तरफ खाली खजाना, दूसरी तरफ अफसरों की अनदेखी से लाखों का नुकसान!"

@अंशुल मित्तल, ग्वालियर। एक तरफ ग्वालियर नगर निगम कंगाली के उस मुहाने पर खड़ा है जहां कर्मचारियों को वेतन बांटने के लिए अपनी FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) तक गिरवी रखनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर निगम की ‘होर्डिंग शाखा’ राजस्व को चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। शहर में लगे 25 बड़े अवैध विज्ञापनों ने निगम के खजाने को सीधे तौर पर 30 लाख रुपये की चपत लगाई है।
अफसरों को ‘PIN’ ने दिखाया आईना
हैरानी की बात यह है कि नाका चंद्रवदनी से लेकर थाटीपुर क्षेत्र तक खुलेआम लगे जो अवैध होर्डिंग्स आम जनता और PIN की टीम को साफ नजर आ रहे हैं, वे होर्डिंग शाखा के जिम्मेदार अफसरों को दिखाई नहीं दे रहे। इसे महज लापरवाही माना जाए या विज्ञापन माफियाओं के साथ गहरी मिलीभगत ?
- महीने से सीना ताने खड़े हैं अवैध विज्ञापन : शहर की ऊंची इमारतों और मुख्य चौराहों के पोल्स पर 25 से अधिक अवैध विज्ञापन पिछले 90 दिनों से निगम की कार्यप्रणाली को मुंह चिढ़ा रहे हैं।
- राजस्व का गणित : यदि इन पर तत्काल कार्रवाई और जुर्माना किया जाए, तो निगम के खाली खजाने में तत्काल 30 लाख रुपये जमा हो सकते हैं।

महाराणा प्रताप नगर, ठाठीपुर और पुरानी छावनी में लगे अवैध विज्ञापन
नोटिस का खेल: वसूली ठप, माफिया मस्त
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि विभाग अपनी खाल बचाने के लिए नोटिस तो जारी कर देता है, लेकिन वसूली की फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं।
सूत्रों का दावा: “अवैध विज्ञापनों पर जुर्माने की पेंडिंग राशि का आंकड़ा करोड़ों में है। अधिकारी सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं, जबकि धरातल पर वसूली शून्य है।”
निगम कमिश्नर की टेबल पर पहुंचा ‘काला चिट्ठा’
PIN द्वारा इन सभी अवैध विज्ञापनों के पुख्ता प्रमाण और फोटोग्राफ्स सीधे नगर निगम आयुक्त को व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिए गए हैं। अब देखना यह है कि क्या कमिश्नर साहब अपनी नाक के नीचे चल रहे इस भ्रष्टाचार पर नकेल कसेंगे या फाइलें फिर से धूल फांकेंगी?
प्रमुख सवाल जो जवाब मांगते हैं :
- जब वेतन के लाले पड़े हैं, तो करोड़ों की वसूली को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है ?
- क्या होर्डिंग शाखा के अधिकारियों की संपत्ति की जांच होगी ?
- नोटिस के बाद भी जुर्माना वसूल न करने वालों पर कार्रवाई कब होगी ?
”मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच कराई जाएगी। जो भी विज्ञापन अवैध पाए जाएंगे, उन्हें हटाने के साथ-साथ संबंधितों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई कर वसूली सुनिश्चित की जाएगी।” >
संघ प्रिय, कमिश्नर, नगर-निगम ग्वालियर




