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​UP Excise Policy: अब ₹2 लाख में मिलेगा शराब का लाइसेंस, देसी शराब में आया 100ml का ‘छोटू’ पैक

​लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए नई आबकारी नीति लागू कर दी है। इस बार नीति में केवल राजस्व बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मध्यम वर्गीय व्यापारियों को शराब के कारोबार से जोड़ने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। थोक लाइसेंस की फीस में भारी कटौती और देसी शराब के नए 'मिनी पैक' की शुरुआत इस नीति के सबसे आकर्षक पहलू हैं।

लाइसेंस फीस में बंपर कटौती: ₹20 लाख के बजाय अब सिर्फ ₹2 लाख

​उत्तर प्रदेश में अब शराब का थोक व्यापार करना काफी सस्ता हो गया है। पहले होलसेल लाइसेंस के लिए व्यापारियों को ₹20 से ₹25 लाख की भारी-भरकम फीस चुकानी पड़ती थी, जिसके कारण छोटे कारोबारी इस क्षेत्र में कदम नहीं रख पाते थे।

  • नया नियम: अब थोक लाइसेंस की फीस घटाकर मात्र ₹2 लाख कर दी गई है।
  • बिक्री आधारित शुल्क: सरकार ने अब ‘इन्टेंट’ (बिक्री/उठान) के आधार पर शुल्क लेने का फैसला किया है। यह शुल्क 0.4% से 0.5% के बीच होगा।
  • फायदा: कम कारोबार करने वाले व्यापारियों को अब मोटी फीस नहीं भरनी होगी, बल्कि वे अपनी बिक्री के हिसाब से भुगतान करेंगे।

बाजार में एंट्री लेगा ‘छोटू’ पैक: ₹50 में मिलेगी देसी शराब

​अंग्रेजी शराब की तर्ज पर अब देसी शराब के शौकीनों के लिए भी बाजार में 100ml का मिनी पैक उतारा जा रहा है, जिसे ‘छोटू’ पैक कहा जा रहा है।

  1. तीव्रता और कीमत: यह 42.8 डिग्री तीव्रता वाली शराब होगी, जिसकी कीमत मात्र ₹50 तय की गई है।
  2. सुविधा: पहले देसी शराब की सबसे छोटी बोतल ‘पौवा’ हुआ करती थी। अब कम मात्रा चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह छोटा पैक अधिक सुविधाजनक और सस्ता विकल्प होगा।

अवैध शराब पर लगेगी लगाम

​जिला आबकारी अधिकारियों के अनुसार, दुकानों और गोदामों का व्यवस्थापन अगले महीने तक पूरा कर लिया जाएगा। लाइसेंस प्रक्रिया आसान होने से अवैध शराब के कारोबार में कमी आने की उम्मीद है। नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों का कोटा भी बढ़ाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को आसानी होगी और सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

प्रमुख बदलावों पर एक नज़र: क्या बदला और क्या है नया?

​उत्तर प्रदेश की नई आबकारी नीति के इन मुख्य बिंदुओं ने बाजार के समीकरण बदल दिए हैं:

  • लाइसेंस फीस में ऐतिहासिक कटौती: थोक (Wholesale) लाइसेंस के लिए अब व्यापारियों को 20-25 लाख रुपये की भारी भरकम राशि नहीं देनी होगी। इसे घटाकर अब मात्र 2 लाख रुपये कर दिया गया है।
  • बिक्री के आधार पर अतिरिक्त शुल्क: भारी फिक्स्ड फीस की जगह अब ‘पे-एज़-यू-गो’ मॉडल अपनाया गया है। व्यापारी जितना स्टॉक उठाएंगे, उन्हें उसी के आधार पर 0.4% से 0.5% का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
  • देसी शराब का ‘छोटू’ पैक: यूपी में पहली बार देसी शराब 100ml के मिनी पैक में उपलब्ध होगी। 42.8 डिग्री तीव्रता वाले इस पैक की कीमत 50 रुपये रखी गई है, जो कम बजट वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी सुविधा है।
  • अंग्रेजी शराब की कीमतों में बदलाव: नई नीति के तहत ब्रांड और कैटेगरी के आधार पर अंग्रेजी शराब की बोतलों के दाम में 10 रुपये से लेकर 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
  • ​दुकानों का बढ़ता दायरा: ग्रामीण इलाकों और नगर निगम क्षेत्रों में दुकानों का कोटा बढ़ाया गया है, जिससे वैध शराब की उपलब्धता बढ़ेगी और अवैध व्यापार पर लगाम लगेगी।

आबकारी अधिकारियों का मानना है कि नई नीति के चलते लाइसेंस फीस कम होने से गोदामों पर अनावश्यक दबाव कम होगा और छोटे व्यापारियों के लिए बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

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