
तिरुपति के ऐतिहासिक श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर में ‘विमान गोपुरम’ (मंदिर का शिखर) के जीर्णोद्धार कार्य के दौरान लगभग 50 किलो सोना कम पाए जाने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला प्रकाश में आते ही तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के विजिलेंस विंग ने इस पर एक बड़ी जांच शुरू कर दी है।
जानें पूरा मामला?
खबरों के मुताबिक, यह विवाद मंदिर के विमान गोपुरम पर सोने की परत चढ़ाने (Gold Plating) के प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

आवंटन: वर्ष 2022-23 (पिछली सरकार के कार्यकाल) के दौरान, TTD ने इस कार्य के लिए कुल 100 किलो सोना आवंटित किया था।
अनियमितता: नियमों और योजना के अनुसार, गोपुरम पर सोने की 9 परतें चढ़ाई जानी थीं। लेकिन हालिया रिपोर्ट्स और शिकायतों में दावा किया गया है कि केवल 2 परतें ही चढ़ाई गईं और बाकी सोना गायब कर दिया गया।
बाजार मूल्य: वर्तमान दर के हिसाब से गायब हुए सोने की कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
मूर्तियों को नुकसान पहुँचाने के भी आरोप
विजिलेंस जांच न केवल सोने के गबन पर केंद्रित है, बल्कि इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि नवीनीकरण कार्य के दौरान लगभग 30 प्राचीन मूर्तियों को तोड़ा गया या उन्हें नुकसान पहुँचाया गया। टीटीडी के अधिकारियों पर इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश करने के भी आरोप लग रहे हैं।
आंध्र प्रदेश की वर्तमान गठबंधन सरकार के निर्देश पर विजिलेंस विभाग अब निम्नलिखित बिंदुओं पर गौर कर रहा है:
- टेंडर प्रक्रिया: क्या काम का ठेका देने में नियमों का उल्लंघन हुआ?
- गुणवत्ता निरीक्षण: काम पूरा होने के समय अधिकारियों ने परतों की जांच क्यों नहीं की?
- सब-लीजिंग: खबरें हैं कि मुख्य ठेकेदार ने काम को किसी और को सब-लीज पर दे दिया था, जो कि नियमों के विरुद्ध था।
- महत्वपूर्ण तथ्य: यह पहली बार नहीं है जब इस मंदिर से जुड़ी सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। 2019 में भी मंदिर के खजाने से लगभग 1.3 किलो वजनी सोने के मुकुट गायब हुए थे, जिन्हें बाद में बरामद किया गया था।
कानूनी कार्रवाई: FIR और प्रमुख धाराएँ
आंध्र प्रदेश पुलिस ने मंदिर के रिकॉर्ड में विसंगतियों और सोने के कथित गबन के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) (जो अब IPC की जगह प्रभावी है) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
धारा 316 (Criminal Breach of Trust): ‘आपराधिक विश्वासघात’ के तहत मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि मंदिर का सोना एक सार्वजनिक संपत्ति और भक्तों की धरोहर है।
धारा 318 (Cheating): धोखाधड़ी के आरोप, विशेष रूप से सोने की परतों की संख्या को लेकर, यहां आरोप है कि जहां सोने की 9 परत लगाई जाती थी वहां केवल दो परत लगाकर गबन किया गया।
धारा 336 और 340 (Forgery & Falsification of Accounts): मंदिर के रिकॉर्ड और ‘वर्क कंप्लीशन रिपोर्ट’ में गलत जानकारी भरने और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने के लिए।
धारा 61 (Criminal Conspiracy): यह जांचने के लिए कि क्या इसमें TTD के वरिष्ठ अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच कोई मिलीभगत थी।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
भगवान वेंकटेश्वर के भक्तों में इस खबर को लेकर गहरा आक्रोश है। सोशल मीडिया पर पारदर्शिता की मांग की जा रही है। मंदिर प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि विजिलेंस रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




