प्रशासन के दावे फेल, शहर के बीचों-बीच बन गई अवैध कॉलोनी
ना रजिस्ट्री, ना कोई मंजूरी, केवल नोटरी के आधार पर सरकारी कर्मचारियों ने भी बना लिए अवैध मकान

अंशुल मित्तल, ग्वालियर। नगर निगम और जिला प्रशासन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई के खोखले दावे करता रहता है लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है। शहर का हृदय स्थल माने जाने वाले, फूलबाग क्षेत्र में ही, धड़ल्ले से अवैध कॉलोनी बसा दी गई है। ताज्जुब की बात यह है कि इस अवैध कॉलोनी में राजस्व और पुलिस के भी, कई कर्मचारियों ने अपने मकान बनाए हैं।
नगर निगम के वार्ड 32 के अंतर्गत चुन्नीपुरा मोहल्ले के नजदीक गंगादास की बड़ी शाला, रामजानकी मंदिर की सैकड़ो बीघा जमीन पर भूमाफिया पांव पसारता जा रहा है। यहां बिना किसी मंजूरी के अनगिनत अवैध मकान बन गए हैं और अब भी निर्माण जारी है। इस पूरे घोटाले को बड़ी ही शातिरता के साथ अंजाम दिया जा रहा है।
अवैध कॉलोनी में बन रहे मकान, गोदाम और होटल 
आखिर क्यों बेखौफ हैं भू-माफिया ?
गौरतलब है कि यहां जमीन की बंदरबांट करने वाले माफिया बिना किसी अधिकार के, केवल नोटरी के आधार पर मनचाही जगह पर प्लाट बेच रहे हैं। यह भूमाफिया ना तो उस जमीन के मालिक हैं और ना ही इन्हें यह जमीन बेचने का अधिकार है। भूमाफिया की इस कारगुजारी का एक बड़ा कारण जो निकलकर सामने आया है वह यह है कि इनके साथ कई सरकारी कर्मचारियों की गहरी सांठ-गांठ गांठ है। जानकारी के अनुसार इसी जमीन के हिस्सों में कई सरकारी कर्मचारियों ने भी अपने मकान बनाए हैं। जिसमें पुलिस और राजस्व विभाग के भी कुछ अफसर शामिल हैं।
निगम अधिकारी बोले- “जल्द करेंगे बड़ी कार्रवाई”
नगर निगम के जोनल ऑफिस नंबर 6 के जेडओ से जब यह पूछ गया कि इतने बड़े स्तर पर, यह अवैध निर्माण कैसे हो रहा है ? तब क्षेत्र के जेडओ ने अवैध निर्माण का पक्ष लेते हुए, भवन अधिकारी की तरफ मामले को टाल दिया। भवन अधिकारी बृज किशोर त्यागी का कहना था कि अवैध निर्माण पर कार्यवाही करने के लिए पुलिस बल की आवश्यकता है। पूर्व में पुलिस को भी पत्र लिखा गया था लेकिन फोर्स न मिलने के कारण कार्रवाई में देरी हुई है। लेकिन जल्द ही बड़ी कार्रवाई करेंगे।




