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सावधान! सरकारी जमीन पर कब्जा किया तो खैर नहीं, प्रशासन ने कटी घाटी में दिखा दिए कड़े तेवर

"फिर कब्जा किया तो होगी सीधी जेल" - अपर आयुक्त की दो टूक।

ग्वालियर। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। जोन 7, बहोड़ापुर, कटी घाटी से शनि मंदिर तक बन रही सड़क के मार्ग में बाधक बने 27 अवैध अतिक्रमणों को नगर निगम, PWD और पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी विरोध के बीच ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई का लेखा-जोखा: क्या-क्या टूटा?

​सड़क को उसके वास्तविक स्वरूप में लाने के लिए दो जेसीबी मशीनों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की:
05 पक्के मकान
​04 व्यावसायिक दुकानें
​08 चबूतरे (रैंप)
​10 अवैध टीनशेड

कटीघाटी, जोन-7 में कार्रवाई के दौरान निगम की जेसीबी

भारी हंगामे के बीच अपर आयुक्त तोमर ने संभाली कार्रवाई की कमान

​कार्रवाई के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कुछ स्थानीय निवासियों ने जेसीबी के सामने लेटकर और मशीनों पर चढ़कर काम रोकने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद अपर आयुक्त प्रदीप तोमर और भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर पीछे हटाया और शांति व्यवस्था बनाए रखी।

अधिकारी का बयान:

“22 मीटर चौड़ी प्रस्तावित सड़क अतिक्रमण के कारण सिमटकर महज 18 मीटर रह गई थी। विकास कार्यों में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में दोबारा कब्जा करने पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — प्रदीप तोमर, अपर आयुक्त, नगर निगम ग्वालियर



​49 और अवैध निर्माण रडार पर

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है। आगामी दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी पीला पंजा चलेगा:

  • स्वर्ण रेखा किनारा: सिविल अस्पताल लाइन की 21 दुकानें हटाई जाएंगी।
  • ​छिद्दे का पुरा व लक्ष्मीबाई समाधि: जल संसाधन विभाग की अधिग्रहित भूमि पर बने 28 मकानों को ढहाया जाएगा।

खास बात: अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्तियों का मुआवजा विभाग द्वारा पहले ही दिया जा चुका है, इसके बावजूद लोगों ने फिर से अवैध कब्जा कर लिया है।

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