समाज और सनातन के संस्कारों को संजोने की पहल करेगा अग्रवाल समाज
जनवरी में होगी युवा महिलाओं की कार्यशाला, ताकि युवा पीढ़ी जाने, समाज की परंपराएं

@अंशुल मित्तल, ग्वालियर। समाज की युवा पीढ़ी को समाज और सनातन के संस्कारों और वैदिक क्रियाओं के प्रति जागरूक करने के लिए अग्रवाल समाज अनोखी पहल करने जा रहा है। अग्रवाल समाज द्वारा जनवरी माह के अंत में एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें समाज की युवा पीढ़ी, विशेषकर युवा महिलाओं को सामाजिक परंपराओं और वैदिक रस्मों-रिवाज समझाए जाएंगे। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राकेश अग्रवाल और महिला विंग अध्यक्ष ज्योति अग्रवाल ने बताया कि इस कार्यशाला का संचालन अनुभवी विशेषज्ञों के द्वारा किया जाएगा, जिसमें विवाह संस्कारों से संबंधित प्रत्येक वैदिक एवं सामाजिक परंपरा को विस्तार से बताया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्वालियर के अग्रवाल समाज की 500 से अधिक महिलाएं शिरकत करेंगी।
सिकुड़ते परिवार और मार्गदर्शन का अभाव, नतीजन विलुप्त होती परम्परा !
अक्सर देखा जा रहा है कि आज की युवा पीढ़ी को, शादी-विवाह समेत मांगलिक कार्यक्रमों आदि पर निभाई जाने वाली, रस्मों-रिवाजों की जानकारी नहीं होती। सनातनी और वैवाहिक वैदिक क्रियाओं को युवा पीढ़ी भूलती जा रही है, जिसके पीछे छोटे होते परिवार भी, एक बड़ा कारण हैं। जिससे युवाओं को बुजुर्गों का मार्गदर्शन भी अपेक्षित तौर पर नहीं मिल पाता।
देहरी, मांढने से लेकर आखत, लगुन की रस्मों को महत्व सहित समझेंगे युवा
अ.भा. अग्रवाल संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि 27 जनवरी 2026 को आयोजित की जाने वाली कार्यशाला के दौरान, समाज की युवा महिलाओं को देहरी, मांढने से लेकर आखत, लगुन बारवाई, तेल, हल्दी आदि रस्मों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी। इसी के साथ इन क्रियाओं को क्रमबद्ध किए जाने के वैदिक महत्व भी ग्रंथानुसार समझाये जाएंगे। गौरतलब है कि सनातनी परंपरा में विवाह को एक पवित्र रस्म और ईश्वरीय आशीर्वाद के रूप में देखा जाता है लेकिन वर्तमान में देखा जा रहा है कि वैवाहिक कार्यक्रम, शोर-शराबे और मनोरंजन के आयोजन भर बनकर रह गए हैं। इन्हीं कुरितियों को दूर करने और पारंपरिक वैदिक क्रियाओं को संजोने के लिए अग्रवाल समाज यह सराहनीय पहल करने जा रहा है।




