
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में कई ऐसे अधिकारी होते हैं जो अपनी ड्यूटी तो करते हैं, लेकिन कुछ अपनी बेबाकी और साहस से ‘आइकन’ बन जाते हैं। डी. रूपा मौदगिल एक ऐसा ही नाम है, जिन्होंने सत्ता की परवाह किए बिना कानून का साथ दिया।
जब कुर्सी पर बैठी मुख्यमंत्री को थमाया गिरफ्तारी वारंट
IPS डी. रूपा के करियर का सबसे ऐतिहासिक क्षण वह था, जब उन्होंने मध्य प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती को गिरफ्तार किया। साल 2004 में हुबली के एक पुराने मामले में कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्होंने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। इस घटना ने उन्हें रातों-रात पूरे देश में सुर्खियों में ला दिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग: जेल में ‘VIP ट्रीटमेंट’ का पर्दाफाश
सिर्फ राजनीतिज्ञ ही नहीं, उन्होंने अपने विभाग के भीतर फैले भ्रष्टाचार पर भी कड़ा प्रहार किया। कर्नाटक जेल विभाग में डीआईजी रहते हुए उन्होंने अन्नाद्रमुक नेता शशिकला को जेल में मिल रही अवैध सुविधाओं का खुलासा किया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि जेल के नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों की रिश्वत ली गई थी।
ईमानदारी की कीमत: 20 साल और 41 तबादले
अक्सर कहा जाता है कि जो अधिकारी झुकता नहीं, उसे बार-बार हटाया जाता है। डी. रूपा का करियर इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। लगभग 20 वर्षों की सेवा में उनका 40 से अधिक बार ट्रांसफर किया गया। लेकिन इन तबादलों ने उनके हौसले को तोड़ने के बजाय उनकी ‘ईमानदार अधिकारी’ की छवि को और मजबूत किया।
आईपीएस डी. रूपा: एक नजर में उपलब्धियां
- विशेष श्रेणी – विवरण एवं उपलब्धियां
- शैक्षणिक उत्कृष्टता- कुवेम्पु यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल के साथ ग्रेजुएशन
- UPSC सफलता- साल 2000 में ऑल इंडिया 43वीं रैंक प्राप्त की
- ट्रेनिंग रिकॉर्ड- हैदराबाद पुलिस एकेडमी की ट्रेनिंग में 5वां स्थान
- साहसिक कार्य- मौजूदा मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी और जेल भ्रष्टाचार का खुलासा
- कलात्मक रुचि- प्रशिक्षित भरतनाट्यम डांसर और शास्त्रीय गायिका
शिक्षा और प्रारंभिक संघर्ष
कर्नाटक की रहने वाली रूपा मौदगिल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थीं। उन्होंने मनोविज्ञान (Psychology) में एम.ए. किया। उनकी बुद्धिमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में टॉप 50 में जगह बनाई। वह न केवल एक सख्त पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि कला और संगीत के प्रति भी उनका गहरा झुकाव है।




