CMHO का जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण, लापरवाही मिलने पर डॉक्टर को थमाया नोटिस

ग्वालियर। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका सिंह चौहान के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने 18 दिसंबर की रात को जिला चिकित्सालय (जच्चा खाना, मुरार) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
गंदे चद्दर और कंबल देख भड़के सीएमएचओ
निरीक्षण के दौरान डॉ. श्रीवास्तव जब प्रसूता वार्ड में पहुंचे, तो वहां मरीजों को बिछाने के लिए धुले हुए चद्दर उपलब्ध नहीं थे। इस पर उन्होंने ड्यूटी स्टाफ को फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि भविष्य में ऐसी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भीषण सर्दी के मौसम में मरीजों और उनके अटेंडेंट को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। साफ-सफाई और धुले हुए बिस्तर न मिलने की स्थिति में भविष्य में कठोर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
केसशीट पर नोट्स न डालने पर डॉक्टर को नोटिस
निरीक्षण के अगले चरण में सीएमएचओ एसएनसीयू (SNCU) वार्ड पहुंचे। वहां भर्ती नवजातों की केसशीट चेक करने पर पाया गया कि दोपहर की शिफ्ट में तैनात चिकित्सक ने मरीजों की केसशीट पर आवश्यक क्लिनिकल नोट्स नहीं डाले थे। इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सीएमएचओ ने संबंधित चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
यूनिफॉर्म और समय की पाबंदी अनिवार्य
डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किये:
• ड्रेस कोड: सभी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को अनिवार्य रूप से निर्धारित यूनिफॉर्म में रहना होगा ताकि मरीजों के बीच उनकी पहचान स्पष्ट हो सके।
• ड्यूटी समय: सभी अधिकारी और कर्मचारी समय पर अस्पताल पहुंचें और अपनी शिफ्ट पूरी होने के बाद ही कार्यस्थल छोड़ें।
इस औचक निरीक्षण के दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी-2 डॉ. प्रबल प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। सीएमएचओ ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने के लिए इस तरह के ‘नाइट इंस्पेक्शन’ आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।




