अमृत योजना में धांधली, बनी मौत का कारण। दर्दनाक हादसे की, कौन लेगा जिम्मेदारी ? हादसे का दर्दनाक video
जिम्मेदारों की लापरवाही से काल के गाल में समा गया एक आम नागरिक

ग्वालियर, जिले से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है, अमृत योजना एक परिवार के लिए अभिशाप बन गई। अपने ही घर के बाहर बैठे बुजुर्ग के ऊपर गिट्टी से भरा डंपर पलट गया। हादसे की सबसे बड़ी वजह यह रही कि, अमृत योजना का संचालन करने वाले इंजीनियर और अफसरों ने अपना काम जिम्मेदारी से नहीं किया। इनकी लापरवाही का खामियाजा, एक वृद्ध को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ा।
दुर्घटना का यह सीसीटीवी वीडियो आपको विचलित कर सकता है:
शहर में सागरताल-जलालपुर रोड पर अर्नव ग्रीन सिटी में, अमृत योजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाई गई थी। जिसके लिए खोदे गए गहरे गढ्ढों को जिम्मेदारों द्वारा ठीक से नहीं भरा गया। यहां लापरवाही के साथ गड्ढे को, ऊपरी तौर पर गिट्टी आदि से बंद कर दिया गया लेकिन गड्ढे के अंदर अभी भी मिट्टी गीली थी। शुक्रवार की दोपहर 93 वर्षीय बुजुर्ग गिर्राज शर्मा अपने घर के चबूतरे पर बैठे थे। घर के पास से गुजरता, गिट्टी से भरा एक ट्रक, अमृत योजना के अंतर्गत किए गए कच्चे गढ्ढे में धंसक गया और पास ही बैठे बुजुर्ग गिर्राज शर्मा के ऊपर पलट गया। जब तक बुजुर्ग कुछ समझ पाते, तब तक वे ट्रक के नीचे दब चुके थे। और इस तरह मृतक गिर्राज शर्मा ने दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवा दी।
मृतक के परिजन और क्षेत्रीय वासियों का कहना है कि अभी कुछ दिन पहले अमृत योजना के तहत पानी की लाइन बिछाई गई थी लेकिन इसके लिए खोदे गए गढ्ढों को केवल ऊपरी तौर पर भरा गया। इसके अलावा सवाल यह भी पैदा होता है कि दिन के समय, गिट्टी से भरा डंपर नो एंट्री में किस रास्ते से घुसा ? क्या वह चुपके से शहर के भीतर आ गया या पुलिस से सांठ-गांठ के चलते, चेकिंग पॉइंट पर चेक ही नहीं किया गया ?
लापरवाही तो है लेकिन देखना यह है कि इस दर्दनाक हादसे की जिम्मेदारी किसके सर रखी जाती है। क्योंकि जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते एक आम शहरी नागरिक मौत के घाट उतार गया।




